शुक्रवार, 25 अप्रैल 2014

मिथिला

भाजपा के मिथिला में मैथिली में घोसणा केलक। ई कोन पैघ बात भेलै। घोसना पत्र पर अमल कतेक कैल जात। ई बिचारणीय बिसय अछि। जय मिथिला। 

रविवार, 20 अप्रैल 2014

केजरीवाल

बेचारा केजरी ,न घर का रहा न घाट का। बहुत पुराना कहावत है की गीदड़ का जब मौत आता है तो वह सहर के तरफ भागता है , बेचारा काशी में नरेंद्र भाई मोदी से टक्कर लेने चला हा हा हा हा। … थप्पड़  घुशा स्याही जूता खाने के बाद भी अक्ल ठिकाने नहीं आया , कहते है ठोकर खाने से अक्ल आता है। एक तो काशी में ही इसका क्रिया कर्म हो जायेगा ,और वहाँ से लुटापिटा जब अपना पुराना गढ़ दिल्ली वापस आयगा तो किरण बेदी दिल्ली में अंतिम संस्कार कर देगी। ये हरेक बात में बोलता है बीजेपी बाले को राजनीती नहीं आती इन्हे हम राजनीती करना सिखाये गे। केजरीजी आपने दिल्ली की राजनीती की शीला को हराने के बाद तो आप अपने को युगपुरुष सत्यवादी राजा हरिस्चन्द्र के एकलौते बारिश मान बैठे सब चोर बेईमान सिर्फ आप ईमानदार हा हा ,राजनीती क्या चीज है ये अब समझ में आये गा। चंद मुसलमानों ,देश द्रोहियो के भोट से आप नरेन्द्र मोदी से टक्कर नहीं ले सकते। अभी भी वक़्त है नमो नमो का जाप करो और कोई रास्ता नहीं है ,और आपके कुमार बकबास   मॉडल घोंचू पत्रकार सब नमो आँधी में कहाँ उरके जायेगे भोट के बाद पता भी नहीं मिलेगा। 

शनिवार, 12 अप्रैल 2014

#BHARAT _KI _KUNDALI


बृच्छ का बास्तु में महत्व

  1. बृच्छ का बास्तु में महत्व। पर्यावरण को ठीक रखने के लिए घर के आश पाश पेड़ पौधो का होना आवश्य्क है ,क्योकि पेड़ पौधे ध्रुबीय आकर्षण से प्रभाबित होकर हमारे पर्यावरण को। शुद्ध एवम परिष्कृत करते है। कौन सा पौधा हमारे जीवन के लिए उपयोगी है और कौन सा पौधा लगाने से बास्तु दोष ठीक किया जा सकता है इसकी जानकारी यहा दे रहा हु/  १.नीम= घर के बायव्य कोण में नीम के ब्रिछ का होना अति शुभ होता है। इश प्रकार जो व्यक्ति नीम के सात पेड़ लगाता है ,उसे मृत्युपरान्त शिब लोक की प्राप्ति होती है। २ = बिल्ब = बेल का वृछ का घर की सीमा में होना अति सुभ होता है। भगबान शिव जी का परम प्रिय बेल का वृछ ,और लछमी का निवाश बिल्ब वृछ जिश घर में होता है वहा धन सम्पदा की देवी लक्छमी पीढ़ियों तक बाश करती है। अन्य शुभ वृछ =घर की सीमा में अशोक , मौलश्री , शमी , चम्पा , अनार , सुपारी , कटहल , केतकी , मालती , कमल , चमेली , नारियल , केला आदि के वृछ होने से   घर में सुख़ शांति लक्छमी का निबास होता है।  कॅन्सर ,रक्त बिकार एवम ह्रद य रोग से सम्बंधित बीमारियो में कत्था ,अपामार्ग और बेल तुरत रहत देता है। अशुभ वृछ = जैसे -मेहदी , पलाश , बबूल अरंडी के पौधो को घर की सीमा के अंदर नहीं लगाना चाहिए ये पर्यावरण के दृश्टिकोण से भी अछा फल नहीं देते।  बबूल लगाने से घर में काफी क्लेश होता है। अरंडी के पौधो से कार्यो में रुकावट आती है। बास्तु शास्त्र में पपीता का वृछ का घर में होना अशुभ कहा गया है। पर ऐसी मान्यता है की जिसके घर के समीप स्वेतार्क का पौधा फलता फूलता है वहा सदैब बरकत बनी रहती है ,उस भूमि में गुप्त धन होता है। पण्डित पंकज मिश्र। कोलकाता। 

सोमवार, 24 मार्च 2014

sonia devi

स्वामी स्वरूपानंद को हर हर मोदी से आपत्ति है। उनका कहना है ब्यक्ति पूजा नहीं होनी चाहिए ,ये गलत है। लेकिन जब कोंग्रस ने सोनिया गांधी कि सरस्वती मूर्ति बनाकर मंदिर बना दिया और कांग्रेशी उस का पूजा करते है ,तब ये क्यों नहीं बोलते। जब हिन्दुओ को अकबरुदीन ,जाकिर नईक गली देते है जब आजम खान भारत माता को डायन बोलता है कुछ नहीं बोलते ,कभी गो हत्या या हिंदुत्व् कि बात नहीं करते। सिर्फ गेरुआ बस्त्र पहन लेने से कोई साधू संत नहीं बन जाता है। 
स्वरुपआनंद जो अपने आपको संकराचार्ज मानता है। हिन्दुओ का गुरु ,क्या कभी हिन्दुओ के बारे में कुछ बोला है। गो हत्या या हिंदुत्व् ,या कश्मीर में मारे गए हिन्दू पंडित। कभी भी ये हिंदुत्व् का बात नहीं करता। असल में ये ढोंगी ,पाखंडी कॉंग्रेस का दलाल है। नरेन्द्र मोदी का नाम सुनते ही ये इतना भरक गया कि एक पत्रकार को थापर मार दिया। संत क्या ऐशे होते है ,आप खुद बिचार करो। हर हर मोदी का नारा से इस पाखंडी को एतराज है ,हर हर का मतलब होता है दुःख हरने बाले , जनता भी अपने नेता से यही ऊमीद करता है कि हमारे नेता हमारा दुःख हरण करेंगे ,इसी लिए जनता मोदी से बहुत उमीद से ये नारा लगाती है  हर हर मोदी घर घर मोदी। ईश में पार्टी या नरेंद्र मोदी का क्या दोष। जनता के आबाज को कोई दबा
नहीं सकता। 

शुक्रवार, 7 फ़रवरी 2014

आँचल में दाग ।। भारत माता की कुण्डली . #Bharat_Mata _ki #kundali . By #pandit_pankaj_mishra #Astrologer_kolkata .

आँचल में दाग।  भारत माता कि कुंडली। ऊतरै यत् समुद्रस्य ,हिमाद्रस्चैब दछिनाम। बर्ष तद हि भारतम नाम भारतीय यत्र सन्तति । हिन्द महासागर के उतर में तथा हिमालय के दछिन में स्थित महँ देश भारत बर्ष के नाम से जाना जाता है। प्रत्येक भारतीय को यह देश प्राणो से प्यारा है ,तभी तो सच्चा भरतीय गता है  , कण कण में सोया सहिद पत्थर पथर इतिहास है ,, इस भूमि पर पग पग में उत्सर्ग और सौर्य का इतिहास अंकित है। श्री गुरूजी गोवलकर इनकी साछात जगत जननी के रूप में उपाशना करते थे।  स्वामी बिबेकानन्द ने इनका जगत माता के रूप में साछात्कार किया। यह भारत माता हमारी अराध्या है। इसके सवरूप का बर्णन बणी व लेखनी द्वारा असम्भब है ,फिर भी माता के पुत्र के नाते इसके दिव्य सवरूप का संछिप्त वर्णन करने का दूसाहसः कर रहा हु। इसको बिदेशी बिधर्मी बर्बर आक्रंताओ ने ईश देश को लुटा -खसोटा और नोचा ,परन्तु फिर भी यह राष्ट्र एक अटूट इकाई के रूप में खरा रहा ,यह अमर है तो अपने धर्म संस्कृत के कारन। १५। ८। १९४७ को भारत स्वत्रंत्र हुआ। उज्जैन के प्रख्यात ज्योतिषी स्व व्यास जी के परामर्श से रत १२ ,०५ का समय निश्चित किया गया , स्वत्रन्त्रता पुष्य नछत्र में ली गयी , जिसे एक शुभ नछत्र माना जाता है , बृष लग्न में उच्च का राहु ,दुतीय में मंगल ,तृतीय सूर्य, चन्द्र ,बुध , शुक्र ,शनि एवं छठे भाव में गुरु स्थित है। जहा शुक्र के साथ पाच ग्रह कि युति है। अतः बर्ष १९८९ से शुक्र का महादशा जबसे आरम्भ हुआ साझा सरकारो का दौरा सुरु हुआ। भारत का बृष लग्न होने से लग्न का स्वामी शुक्र स्त्री करक ग्रह है ,यही कारन है कि इस देश के सत्ता के बागडोर महिला के हाथो में रहा है। दिनांक २६। ०१। १९५० को दिनमे १०। १० पर भारत गणतंत्र बना। दुर्भाग्य से देश कि स्वतंत्रता एवं गणतंत्रता कुंडली में राहु कि स्थिति लग्न में है ,जो चोरी अनाचार भ्रष्टाचार आतंकबाद एवं दुराचार  अलगाववादी करक ग्रह है। भारत के कुंडली में अभी सूर्य कि महादशा चल रही है जो २१,०६,२००९ से २१,०६, २०१५ तक चलेगी ,भारत के कुंडली में सूर्य चौथा भाव का स्वामी है ,चौथा भाव जनता का है ,जनता सरकार के नितयो के बिरुद्ध बगावत कर देगी ,जनता में सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ेगा। १३,०२,२०१४ से २१,०६,२०१४ तक सूर्य में केतु कि अंतर्दशा आते ही सरकार के ऊपर बहुत बरे बड़े संकट आएगे ,सरकार चलाना बहत कठिन होगा ,गिर भी सकती है सरकार क्योंकि सहयोगी दल सरकार से अलग होने में ही अपना भलाई समझेगे ,एवं बिपछि पार्टीओ का शिकंजा और कसेगा। आतंकी घटना और प्राकृतिक आपदा से जानमाल का भारी नुकसान होगा और सत्ता परिवर्तन होगा। लग्न में राहु एवं सप्तम में केतु होने के कारण यह देश टुकड़ो टुकड़ो में बट गया ,आगे भी का और भी कई टुकड़े हो जायेगे। हमारे नेता वोट बैंक के लिए देश को टुकड़े टुकड़े कर देंगे। 
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बुधवार, 5 फ़रवरी 2014

क्या भारतीय जनता पार्टी कि सरकार बन सकेगी ?

क्या भारतीय जनता पार्टी कि सरकार बन सकेगी ?

लोक सभा चुनाब सामने आ गया है ,सभी का उत्सुकता इस बात में है कि किसकी सरकार बनेगी।  बीजेपी का बनबास खत्म होगा या कोंग्रेस फिर बजी मारलेगी। दिली में जिस तरह से बीजेपी कि कुर्सी केजरी&कोंग्रेस ने सरकार बनने से पहले खीच ली ,क्या यही हल लोकसभा चुनाब २०१४ में ,ठीक सर्कार बनने से पहले न हो , कहते है दूध का जला छाछ भी पुक कर पीना। बीजेपी देल्ही बिधान सभा चुनाब से सबक लेगी। क्योकि २०१४ लोकसभा चुनाब में , दिल्ली चुनाब बाला ही समीकरण सामने आयेगा। बीजेपी सबसे बरी पार्टी बनकर सामने आयगी। कोंग्रेस पिछड़ जायगी। लेकिन छेत्रियदल का भूमिका सरकार गठन में महत्व्पूर्ण होगा। तीसरे मोर्चे में , MMM ममता मुलायम मायाबती का सरकार गठन में महत्व्पूर्ण भूमिका होगा। सत्ता कि चाभी ममता बनर्जी के हाथ में होगी। । ज्योतिष सास्त्र के हिसाब से देखे तो ,भारतीय जनता पार्टी का उदय ६. ४. १९८० को दोपहर ११. ४५ बजे , मुलसंज्ञक ज्येष्ठा नछत्र ,अभिजीत मुहूर्त ,मिथुन लग्न में हुआ भाजपा कि मिथुन लग्न कि कुंडली में ,लग्न से तीसरे पराक्रम भाव में मंगल, बृहस्पति, शनी एवं राहु , छठे शत्रु भाव  में चद्रमा ,नवम भाग्य भाव में बुध और केतु ,दशम कर्म भाव में सूर्य तथा बारहवे हानि करक भाव में शुक्र बैठा है। कुंडली में सौ से ज्यादा सुभासुभ योग बने है , इस में सर्भादिक प्रभाब साली एवं आकस्मिक परिणाम देने बाली च्तुर्ग्र्हि योग का पराक्रम भाव में बनना बहुत ही शुभ फलदायक है।  कुंडली का सर्बोच्च शुभ योग पराक्रमेश सूर्य का दशम में बैठना और उस पर मंगल कि शुभ द्रिष्टि का होना बहुत सुबह है। अप्रेल २०१२ से अप्रैल २०१८ तक भाजपा कि सूर्य कि चल रही है। सूर्य में राहु कि अंतर्दशा ३-५-२०१३ से २८-३ -२०१४ तक ,बाधक है ,उसके बाद सूर्य महादशा में गुरु कि अंतर्दशा सुरु होगी ,और ,गोचर में सूर्य १४..४. २०१४ से अपनी ऊच्च राशि मेष में आ जायेगी ,सूर्य सत्ता का परम कारक ग्रह है ,सूर्य का दशा एवं गोचर में सूर्य का ऊच्च राशि में आना अतयंत शुभ हो गया ,अंतर्दशा गुरु २८. ३. २०१४ से सुरु हो जायगी जो सत्ता के करीब ले जाएगी थोरा बहुत जो सहयोगी दलो से मतभेद रहेजा वो १९. ०६ २०१४ से जब बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करेगे तो ,बिरोधी भी भाजपा के सपोर्ट में आ जायगे। सूर्य और बृहस्पति का दशा और गोचर बहुत अनुकूल फल देगे। साथ ही शुक्र २७. ४. २०१४ से कर्म स्थान में उच्च का हो कर प्रवेश करेगा। वाह कितना सुखद संयोग ग्रहो का योग बन रहा है।  सत्ता का प्रवल कारक ग्रह सूर्य एलेक्सन के समय बीजेपी कि कुंडली में पराक्रम स्थान का स्वामी होकर लाभ स्थान में उच्च का रहेगा , कर्म स्थान का स्वामी गुरु भी उच्च का रहेगा उतनाही नहीं ,कर्म स्थान में शुक्र भी उच्च का रहेगा। इस बार बीजेपी को सत्ता सुख जरुर मिलेगा ,इसमें संदेह नहीं। 
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रविवार, 4 नवंबर 2012

मित्रो नमस्कार फिल्म निर्माता महेश भट्ट ने मिडिया में कहा की भारतीय जनता सेक्स का भूखा है महेश भट्ट की जितनी भी फिल्मे है उसमे सेक्स के सिबा कुछ नहीं होता है भारत म गन्दगी फ़ैलाने में ये सबसे आगे है ,इसने पोर्न स्टार सनीलियोन को भी भारत में गंदगी फ़ैलाने के लिए बिदेश से भारत बुला लिया / बाप तो बाप इसकी बेटी जो फिल्मो में नहीं चली अब सुनने में आ रहा है की पूजा भट्ट समलैंगिको ( गे ) पर फिल्मे बनाये गी / 90% भारतीय जनता समलैंगिक क्या होता है नहीं जानते ,पूजा भट्ट फिल्मो के द्वारा लोगो को  बतायेगी ,आवर हमारे समाज को दूषीत करेगी  सरकर इसे सेंसर बोर्ड में पास कर देगी फिर हमारे समाज में इसका क्या असर होगा इसका आप खुद अंदाजा लगा ले ,कांग्रेस सरकार पहले ही समलैंगिको को अधिकार देने की बात कह चुकी है , महेश भट्ट के फिल्मो का हमें बहिष्कार करना चाहिए / आज प्रकाश झा जैसे निर्माता से महेश भुत्त जसे गंदगी परोसने वाले लोगो को सिखाना चाहिए जो सामाजिक बिषयो पे फिल्म बनाते है ,और समाज निर्माण में  अपना सहयोग करते है , असल में कुत्ते को जहा गन्दगी दिखे गा वही मुह मारेगा / यदि समाज को स्वच्छ रखना है तो महेश भट्ट  पूजा भट्ट  के फिल्मो का बहिष्कार करे ,आपका क्या मत है /

सोमवार, 16 जुलाई 2012

दुकानों के लिए वास्तु निर्देश ।।

प्रायः देखने में आया है की एक ही बाज़ार में एक ही प्रकार के व्यापार करने बाले कई दुकानों में से कुछ दुकाने अछी चलती है , इसके बिपरीत कुछ दुकाने ना के बराबर चलती है , इसका मुख्य कारण दुकानों का वास्तु अनुरूप ना होना भी हो सकता है अतः   निचे कुछ महत्वपूर्ण वास्तु निर्देश दिये जा रहे है / जिसका पालन करने से निश्चय ही लाभ होगा , 1* यदि दुकान का स्वामी पूर्ब दिशा की ओर मुह करके बैठता हो तो तिजोरी ( धनकोष ) उसके दायी ओर होनी चाहिये / 2* दुकान मालिक यदि उत्तर की ओर मुह करके बैठता है तो तिजोरी उसके बाई ओर होनी चाहिए / 3* भण्डार के लिए दस्छिन -पश्चिम दीवारों के साथ सामान रखे या स्टोर बनाए / 4* दुकान का उत्तर -पूर्ब भाग दोषपूर्ण हो अर्थात गंदगी , टूट फुट हो तो तो दुकान मालिक को सन्तान पछ से कष्ट रहता है / 5* बिजली के उपकरण , स्विच , बिधुत यंत्र दच्छिन , दछिन -पूर्व कोण में लगाने चाहिए / 6* बिजली से तैयार माल को उतर -पश्चिम कोने में रखना चाहिए / इससे सामान की बिक्री में ब्रिधी होगी / 7* सामान्यतः पूर्व एवं उत्तर मुखी दुकाने शुभ मानी गई है / पश्चिम एवं दच्छिनमुखी दुकाने भोजन एवं मनोरंजन कार्यो के लिए अच्छी मानी गई है / 8* दुकान या छोटे कार्यालय में जल स्थान , पानी का बर्तन एयरकंडीशनर उत्तर पुर्व में होना चाहिए / 9* बड़ी दुकानों में उत्तरपूर्व में शौचालय न बनाए / 10* दुकान के सामने बिजली , टेलीफोन का खम्भा पेड़ आदि होना अशुभ है / 11* तिजोरी अल्माड़ी उत्तर या पुर्व दिशा की ओर खुलनी चाहिए अतः इन्हें दस्छिन या पश्चिम में रखना चाहिए / 12* उत्तर पूर्व दिवार पर दर्पण होना शुभ है / 13* नजर उतारने का टोटका ; दुकान या प्रतिष्ठान को नजर से बचाने के लिए प्रत्येक शनिवार को एक नीबू एवं सात हरी मिर्च दुकान के बाहरी गेट में ऐसी लगानी चाहिए जहा पर सभी की दृष्टि उस पर पड़े परन्तु उससे कोई टकराये ना / 14* अपनी दुकान या प्रतिष्ठान में अपने इष्ट देवता की स्थापना करनी चाहिए / 15* दुकान या प्रतिष्टान में अपने प्रेरक का चित्र / फोटो अबश्य लगाना चाहिए / #पंडित_पंकज_मिश्र #ज्योतिष_कोलकाता।।